बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कोयला परिवहन में अवैध वसूली से जुड़े कोल लेवी घोटाले के एक अहम आरोपी और रायगढ़ की पूर्व कलेक्टर रानू साहू के करीबी को राहत नहीं मिली है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
LIVE : ब्रह्मकुमारी आश्रम से पीएम मोदी का लाइव संबोधन
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आर्थिक अपराध जानबूझकर व्यक्तिगत लाभ के उद्देश्य से किए जाते हैं, और इनका प्रभाव केवल पीड़ितों पर ही नहीं बल्कि पूरे समुदाय और राष्ट्र की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
कोर्ट ने टिप्पणी की –
“हत्या गुस्से या भावनाओं में बहकर की जा सकती है, लेकिन आर्थिक अपराध ठंडे दिमाग से और स्वार्थपूर्ण मंशा से किए जाते हैं।”
न्यायालय ने अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट के कई महत्वपूर्ण निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि इस तरह के व्हाइट कॉलर क्राइम देश की अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय हित के लिए गंभीर खतरा हैं। इसी आधार पर अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका अस्वीकार कर दी।
जानकारी के अनुसार, यह मामला उस कथित कोल लेवी सिंडिकेट से जुड़ा है, जो प्रदेश में कोयला परिवहन के दौरान जबरन अवैध वसूली करता था। जांच एजेंसियां इस प्रकरण में कई अधिकारियों, कारोबारियों और मध्यस्थों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।



