रायपुर : दुर्ग के एक कारोबारी की कार से 2 लाख रुपये चोरी के मामले में रायपुर एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने क्राइम ब्रांच के निलंबित आरक्षक प्रशांत शुक्ला को बर्खास्त कर दिया है। मामले में शामिल शेष पांच पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई फिलहाल लंबित है। एसएसपी ने खुद इस कार्रवाई की पुष्टि की है।
यह भी पढ़े :- बिहार चुनाव : एनडीए का संकल्प पत्र जारी, 1 करोड़ नौकरियों और मुफ्त बिजली का वादा
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार रात करीब 10 बजे आईजी अमरेश मिश्रा की बैठक के बाद आरक्षक प्रशांत शुक्ला की बर्खास्तगी का आदेश जारी किया गया।
क्या था पूरा मामला
यह मामला 18 अक्टूबर की रात का है। हवाला रकम की डिलीवरी की सूचना मिलने पर आरक्षक प्रशांत शुक्ला समेत रायपुर पुलिस की आधा दर्जन सदस्यीय टीम एक कार का पीछा करते हुए दुर्ग पहुंची थी।
वहां कारोबारी मयंक गोस्वामी जब अपने घर के पास पहुंचे, तो रायपुर पुलिस टीम ने उन्हें रोककर पूछताछ शुरू की। इस दौरान आरक्षक प्रशांत शुक्ला ने कार की तलाशी ली और उसमें रखे 2 लाख रुपये निकाल लिए। पूछताछ के बाद पुलिस टीम वहां से लौट गई।
बाद में मयंक ने जब कार में रखे पैसे खोजे, तो वे नहीं मिले। घर के सीसीटीवी फुटेज में आरक्षक प्रशांत शुक्ला को रकम निकालते हुए देखा गया। इसके बाद कारोबारी ने 19 अक्टूबर को दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल से शिकायत की, जिन्होंने रिपोर्ट रायपुर एसएसपी को भेजी।
जांच के बाद कार्रवाई
शिकायत के बाद आरक्षक प्रशांत शुक्ला को तत्काल निलंबित किया गया था। सीएसपी स्तर पर जांच पूरी होने के बाद एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने उन्हें विभाग से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया।



