कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में एक बार फिर धर्मांतरण को लेकर विवाद भड़क गया है। नरहरपुर विकासखंड के ग्राम कुरालठेमरी में धर्मांतरित समुदाय के कुछ लोग एक घर में प्रार्थना सभा के लिए एकत्र हुए थे। इसकी जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और घर का घेराव कर लिया।
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सूचना मिलने पर नरहरपुर पुलिस दल गांव पहुंचा और स्थिति को बिगड़ने से पहले ही संभाल लिया। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाइश दी और प्रार्थना में शामिल लोगों को सुरक्षित वापस भेजा। फिलहाल गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।
इस बीच, जिले के जामगांव में एक प्रार्थना भवन को हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई टल गई। प्रशासनिक टीम के मौके पर न पहुंचने के कारण यह कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी। बताया गया कि कुछ दिन पहले इसी प्रार्थना भवन में एक शव दफनाने को लेकर विवाद हुआ था, जो तोड़फोड़ तक पहुंच गया था। विवाद शांत होने के बाद ग्रामीणों ने भवन को अतिक्रमण बताते हुए तहसील न्यायालय में शिकायत दर्ज कराई थी।
न्यायालय ने सुनवाई के बाद भवन को निजी भूमि पर निर्मित बताते हुए उसे हटाने का आदेश दिया था। ग्रामीण इस आदेश पर अमल के लिए प्रशासनिक अमले का इंतजार कर रहे थे, लेकिन अधिकारियों के न पहुंचने से कार्रवाई नहीं हो सकी।
उधर, जिले की कई ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाएं आयोजित कर धार्मिक गतिविधियों पर रोक लगाने के प्रस्ताव पारित किए जा रहे हैं। इन प्रस्तावों के तहत पास्टर, पादरी और धर्मांतरित लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। पंचायत सीमाओं पर इस आशय के बोर्ड भी लगाए जा रहे हैं।
अब तक कांकेर जिले की करीब 13 से 14 ग्राम पंचायतों में ऐसे बोर्ड लगाए जा चुके हैं। दूसरी ओर, धर्मांतरित परिवारों ने इस प्रतिबंध को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। हालांकि, उच्च न्यायालय ने फिलहाल याचिकाकर्ताओं को ग्राम सभा और एसडीएम कार्यालय से संपर्क करने का निर्देश दिया है।



