रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रमुख अमित जोगी ने प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण (PMAY-G) में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग की है।
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अमित जोगी ने कहा कि “केंद्र सरकार की ओर से छत्तीसगढ़ को ग्रामीण आवासों का सबसे बड़ा आवंटन दिया गया है, लेकिन रिश्वतखोरी, फर्जी खातों और अवैध निर्माण के कारण योजना का लाभ गरीबों तक नहीं पहुंच पा रहा है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विरोध “विरोध के लिए विरोध नहीं, बल्कि गरीब और वंचितों की आवाज़ को देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचाने का प्रयास है।”
भ्रष्टाचार के आरोप – ‘पुराने घरों को नया दिखाया जा रहा’
जनता कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता भगवानू नायक ने आरोपों का विस्तार से जिक्र करते हुए कहा –
- आवास मित्र और अधिकारी पुराने या दूसरों के घरों को नया पीएमएवाई घर दिखाने के लिए रिश्वत ले रहे हैं।
- कई जगहों पर पुराने घरों की दूसरी मंजिल बनवाकर उसे नया आवास बताया जा रहा है, जो अवैध निर्माण है।
- गैर-पात्र लोगों को फंड जारी किया जा रहा है, जबकि वास्तविक गरीब वंचित हैं।
- श्रम भुगतान के लिए फर्जी बैंक खातों में राशि ट्रांसफर की जा रही है।
भगवानू नायक ने कहा कि इस घोटाले का पैमाना इतना बड़ा है कि राज्यस्तरीय जांच से सच्चाई उजागर होना मुश्किल है। यह मामला गरीबों के अधिकार और केंद्र सरकार की योजना की साख से जुड़ा है। इसलिए निष्पक्ष और पारदर्शी सीबीआई जांच ही एकमात्र समाधान है, जिससे वास्तविक लाभार्थियों को उनका हक मिल सके।



