लोकेश्वर सिन्हा
गरियाबंद। जिले में पानी के नाम पर लोगों की सेहत से खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। गांव-गांव की दुकानों में 2 रुपये वाले पानी पाउच धड़ल्ले से बिक रहे हैं, लेकिन जांच में पाया गया कि इन पाउचों पर न तो बैच नंबर है, न एक्सपायरी डेट।
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जांच में सामने आया कि प्रांजल, माया और ममता एक्वा नाम से बिकने वाले ये पाउच बिना किसी मानक या प्रमाणन के खुलेआम बेचे जा रहे हैं। जब पड़ताल टीम ने दुकानों और फैक्ट्रियों में जाकर हालात देखे, तो फैक्ट्री संचालक कैमरे से बचते हुए नजर आए और अपनी लापरवाही पर पर्दा डालने की कोशिश की।
स्थानीय लोगों ने बताया कि ये कंपनियाँ गांव-गांव में पानी पाउच सप्लाई कर रही हैं, लेकिन किसी को नहीं पता कि पानी का स्रोत कहां है और इसकी शुद्धता की जांच कौन कर रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसी संदिग्ध फैक्ट्रियों पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
फिलहाल, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम इस पर क्या कदम उठाती है, यह देखना होगा। सवाल यह है कि क्या सस्ती कीमत के नाम पर लोगों की सेहत के साथ यह खिलवाड़ कब तक चलता रहेगा?



