पंकज विश्वकर्मा (समाचार संपादक)
छत्तीसगढ़/रायपुर : साय सरकार ने तीन दिन पूर्व 7 आई.पी.एस अधिकारियों के तबादले किए थे। राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के मुताबिक चार जिलों के पुलिस अधीक्षकों ( एस.पी ) को हटाया गया था और उन जिलों में नये पुलिस अधीक्षकों ( एस.पी ) को भेजा गया था। कारण कुछ प्रशासनिक और कुछ राजनैतिक थें। पंकज चंद्रा को कोंडागांव, प्रफुल्ल ठाकुर को सक्ति, रत्ना सिंह को एम.सी.बी, और अंकिता शर्मा को राजनांदगांव का पुलिस अधीक्षक (एस.पी) नियुक्त किया गया है।
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विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार साय सरकार एक छोटी पंरतु प्रभावी प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी में भी है। राज्य सरकार जल्द ही कई जिलों के कलेक्टरों का तबादला आदेश भी जारी कर सकती है। चर्चा यह भी है कि कुछ अधिकारियों के जिला बदलने की प्रक्रिया पूर्ण हो गई है अंतिम चरण में सूची जारी करना ही शेष है।

इस मामले में एक चौंकाने वाला नाम भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि रायपुर जिले के कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ( I.A.S ) को कोरबा जिले का नया कलेक्टर बनाया जा सकता है। क्योंकि पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता ननकीराम कंवर द्वारा अजीत वसंत, कोरबा कलेक्टर के खिलाफ खोला गया मोर्चा और मुख्यमंत्री निवास के सामने धरना के प्रयास से सरकार की भारी किरकिरी हो गई थी।
वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप से जैसे-तैसे उन्हें मना कर मामले को संभाला गया था। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव को स्वयं ननकीराम कंवर को मानने जाना पड़ा था। कोरबा कलेक्टर को हटाने की मांग के दौरान उन्होंने यहां तक कह दिया था कि “ऐसा मुख्यमंत्री किस काम का प्रदेश में क्या काम करेगा, यही रवैया रहा तो सरकार मैं भंग कराऊंगा।मैं बता रहा हूं अगर यही रवैया रहा तो मैं इस सरकार को भंग करवाऊंगा। मैं नहीं कह रहा हूं बल्कि जनता कह रही है कि अगली बार बीजेपी 10 सीट लेकर आएगी।”
वर्तमान में डॉ. गौरव कुमार सिंह बतौर कलेक्टर रायपुर जिले में अपने कुशल प्रशासन, जनसंपर्क और त्वरित निर्णयों के लिए जाने जाते हैं। रायपुर में उनकी कार्यशैली को लेकर शासन स्तर पर सकारात्मक संदेश और संकेत मिल रहे हैं। जहां रायपुर प्रदेश की राजधानी है वहीं कोरबा ऊर्जाधानी है और आर्थिक रूप से राज्य और केंद्र सरकार के लिए रीढ़ की हड्डी के रूप में स्थापित है। जहां राजधानी रायपुर से प्रदेश के विकास की झलक मिलती है वहीं कोरबा में भी विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने के लिए शासन एक ऊर्जावान और अनुभवी अधिकारी को नियुक्त करने के मूड में है। गौरव सिंह जैसे अधिकारी को राजधानी से कोरबा भेजना राज्य सरकार के लिए भी एक कशमकश भरा फैसला होगा।

राजनैतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि इस फेरबदल का संबंध बिहार चुनाव से भी है। तबादलों के संबंध में अभी तक राज्य शासन की ओर से कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं की गई है, लेकिन राजनैतिक और प्रशासनिक हलकों में गौरव सिंह को कोरबा कलेक्टर के संभावित बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही इस छोटी पंरतु प्रभावी प्रशासनिक सर्जरी में कुछ काम करने वाले अधिकारियों के नाम शामिल हैं ऐसा बताया जा रहा है। खासतौर पर कलेक्टर रायपुर को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है। यदि यह तबादला आदेश जारी होता है, तो आने वाले दिनों में कोरबा जिले के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है। साथ ही यह भी देखने वाली बात होगी कि क्या ननकीराम कंवर जैसे वरिष्ठ नेताओं की पार्टी में अभी भी पूछपरख और बातों की तवज्जो है या मान-मनोव्वल का खेल खत्म है और वरिष्ठों को भाजपा में दरकिनार कर दिया गया है ?



