अंबिकापुर/दरिमा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। सिर्फ सात बकरियों की लालच में दो दरिंदों ने सोते हुए दंपती की कुल्हाड़ी से बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम कुम्हरता की है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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जानकारी के अनुसार, ग्राम कुम्हरता निवासी रीमा राम लकड़ा (52 वर्ष) और उनकी पत्नी उर्मिला लकड़ा (50 वर्ष) 22 अक्टूबर की रात अपने घर के आंगन में सो रहे थे। उसी दौरान गांव के ही दो युवक उनके घर पहुंचे और रात गुजारने के लिए आश्रय मांगा। दंपती ने मानवता दिखाते हुए दोनों को घर में रुकने की अनुमति दे दी — पर उन्हें क्या पता था कि यही मेहमान उनकी मौत का कारण बन जाएंगे।
रात करीब 11 बजे दोनों युवकों ने सोते समय दंपती पर कुल्हाड़ी से हमला कर दोनों की हत्या कर दी और घर में बंधी 7 बकरियां लेकर फरार हो गए। अगले दिन सुबह जब एक ग्रामीण उन्हें बुलाने पहुंचा, तो घर का दरवाजा बाहर से बंद मिला। उसने दरवाजा खोला तो सामने का नजारा देखकर सन्न रह गया — दंपती के शव खून से लथपथ जमीन पर पड़े थे।
सूचना पर दरिमा पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। जांच में पता चला कि दोनों के सिर पर भारी वस्तु से वार किया गया था। घटना की गंभीरता देखते हुए SDOP तूल सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई।
जांच में सामने आया कि आरोपी करीमन मझवार (42 वर्ष) और जय श्याम मझवार (28 वर्ष) रिश्ते में चाचा-भतीजा हैं। दोनों ने स्वीकार किया कि उन्हें मालूम था कि रीमा राम के घर में कई बकरियां हैं। यही लालच उनकी हत्या की वजह बनी।
करीमन मझवार पहले भी गांव के एक बैगा के साथ रीमा लकड़ा के घर आ चुका था। उसी समय उसने देखा था कि दंपती बकरियां पालते हैं। इसके बाद उसने अपने भतीजे जय श्याम के साथ मिलकर चोरी और हत्या की योजना बनाई।
हत्या के बाद दोनों 7 बकरियों को लेकर रात 2 बजे ग्राम कुम्हरता के शंकर मझवार के घर पहुंचे, वहां आराम किया, एक बकरे को काटकर खा लिया, और बाकी बकरों का मांस आसपास के गांवों में बेच दिया।
थाना प्रभारी राजेश खलखो ने बताया कि आरोपियों के पास से दो कुल्हाड़ियां जब्त की गई हैं। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।



