नारायणपुर। अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्राम पंचायत डूंगा के आश्रित गांव गोट में छट्ठी समारोह के दौरान हुए सामूहिक भोज ने एक दर्दनाक रूप ले लिया। फूड पॉइजनिंग की चपेट में आने से पांच मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों ग्रामीण और बच्चे गंभीर रूप से बीमार हैं। इस हृदयविदारक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है।
जानकारी के अनुसार, गोट गांव में एक परिवार के घर छट्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमें रिश्तेदारों के साथ पूरे गांव के लोग शामिल हुए थे। भोज का खाना खाने के कुछ घंटों बाद ही ग्रामीणों में उल्टी, दस्त, चक्कर और बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई देने लगे। स्थिति तेजी से बिगड़ती गई और कई लोगों की तबीयत गंभीर हो गई।
दुर्गम क्षेत्र होने के कारण बीमारों को अस्पताल पहुंचाने में भारी दिक्कतें आईं। जब तक स्वास्थ्य टीम मौके पर पहुंची, तब तक पांच मासूम बच्चों ने दम तोड़ दिया था। फिलहाल कई लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है।
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया। नारायणपुर जिला अस्पताल और भैरमगढ़ स्वास्थ्य केंद्र से डॉक्टरों की टीम तुरंत गोट गांव रवाना की गई। कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई ने बताया कि स्वास्थ्य अमला मौके पर मौजूद है और सभी मरीजों का उपचार युद्धस्तर पर किया जा रहा है।
प्रशासन ने प्राथमिक जांच में फूड पॉइजनिंग का कारण छट्ठी भोज का भोजन माना है। भोजन के सैंपल लेकर जांच के लिए फूड लैब भेजे जा रहे हैं, ताकि सटीक कारण का पता लगाया जा सके।
पांच बच्चों की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर बीमारों की जांच कर रही हैं और इलाज उपलब्ध करा रही हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे संदिग्ध भोजन और दूषित पानी के सेवन से बचें।
कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधितों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घटना न केवल प्रशासनिक सतर्कता पर सवाल उठाती है, बल्कि अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की वास्तविक स्थिति को भी उजागर करती है।



