नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार देर रात राजधानी के रोहिणी सेक्टर-28 इलाके में कुख्यात ‘सिग्मा एंड कंपनी’ गैंग के चार अपराधियों का एनकाउंटर कर दिया। मारे गए बदमाशों में गैंग का सरगना रंजन पाठक भी शामिल था, जो बिहार का मोस्ट वांटेड अपराधी था।
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सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली थी कि यह गैंग दिल्ली में किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहा है। इस पर क्राइम ब्रांच और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम ने रात करीब 2:20 बजे इलाके में घेराबंदी की। जब पुलिस ने संदिग्ध कार को रोकने की कोशिश की, तो उसमें सवार बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में करीब 15 मिनट तक गोलीबारी चली, जिसमें चारों बदमाश ढेर हो गए।
🚔 हथियार और लग्जरी कार बरामद
एनकाउंटर के बाद पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में हथियार, कारतूस और एक लग्जरी कार बरामद की है। घायलों को तुरंत डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल (बीएसए) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
🧾 मारे गए अपराधियों की पहचान
- रंजन पाठक (25 वर्ष) — गैंग का सरगना, बिहार के समस्तीपुर का निवासी। हत्या, लूट और रंगदारी के कई मामलों में वांछित।
- बिमलेश महतो उर्फ बिमलेश साहनी (25 वर्ष) — दरभंगा निवासी, रंजन का करीबी सहयोगी।
- मनीष पाठक (33 वर्ष) — रंजन का रिश्तेदार, गैंग की वारदातों की प्लानिंग करता था और आर्थिक मदद पहुंचाता था।
- अमन ठाकुर (21 वर्ष) — हाल ही में गैंग से जुड़ा था, सुपारी लेकर वारदातें करता था।
🕵️♂️ बिहार, यूपी और झारखंड में फैला नेटवर्क
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ‘सिग्मा एंड कंपनी’ गैंग बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में सक्रिय था। यह गिरोह हत्या, रंगदारी, फिरौती और हथियारों की तस्करी जैसे अपराधों में लिप्त था। पिछले कुछ महीनों से गैंग दिल्ली-एनसीआर में लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था।
क्राइम ब्रांच के डीसीपी संजय यादव ने बताया कि, “दिल्ली पुलिस और बिहार पुलिस की टीम ने संयुक्त कार्रवाई में रंजन पाठक गिरोह के चार अपराधियों को मुठभेड़ में मार गिराया है। घटनास्थल की फोरेंसिक जांच जारी है।”



