कोरिया। कोरिया जिले में दिल दहला देने वाली वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। दामाद ने अपनी सास और ससुर को खाट से बांधकर पेट्रोल बम से जिंदा जला दिया, जिससे ससुर की मौके पर मौत हो गई, जबकि सास ने इलाज के तीसरे दिन दम तोड़ दिया। पुलिस ने फरार चल रहे मुख्य आरोपी दामाद सुरेश ठाकुर उर्फ कानपुरिया को उसके दो साथियों प्रदीप बैरागी और सहदेव सूर्यवंशी सहित गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपियों से एक देशी कट्टा, सात जिंदा कारतूस और वारदात में प्रयुक्त बाइक बरामद की गई है। पुलिस ने तीनों का आधा सिर मुंडवाकर बैकुंठपुर में जुलूस भी निकाला।
पत्नी के मायके लौटने से था नाराज
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सुरेश ठाकुर अपनी पत्नी के मायके लौट आने से नाराज था। पहले भी वह अपने साले पर गोली चला चुका था। इसी रंजिश के चलते उसने अपने साथी प्रदीप बैरागी के साथ मिलकर 14 अक्टूबर की रात बड़े साल्ही गांव में वारदात को अंजाम दिया।
आरोपियों ने खड़गवां से पेट्रोल खरीदा, फिर रात में रायराम केंवट के घर पहुंचकर सोते हुए दंपती पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। ससुर की मौके पर मौत हो गई, जबकि पार्वती बाई गंभीर रूप से झुलस गईं।
विशेष टीम ने किया खुलासा
आईजी दीपक कुमार झा और एसपी रवि कुमार कुर्रे के निर्देशन में एक विशेष जांच टीम गठित की गई, जिसमें एएसपी पंकज पटेल, एसडीओपी राजेश कुमार साहू, कोतवाली, पोड़ी-बचरापोंडी चौकी और सायबर सेल की टीम शामिल थी।
तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को रतनपुर–कटघोरा मार्ग से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उन्होंने जुर्म कबूल कर लिया।
जुलूस निकालकर दी गई चेतावनी
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों का बैकुंठपुर पुलिस लाइन से कुमार चौक तक जुलूस निकाला।
इस दौरान भीड़ ने अपराधियों के खिलाफ नारे लगाए।
आरोपियों से बुलवाया गया — “पुलिस हमारी बाप है, अपराध करना पाप है।”
एसपी रवि कुमार कुर्रे ने कहा कि दोहरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में पुलिस टीम ने अथक मेहनत की है। उन्होंने कहा, “हमारी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि अपराधियों में कानून का भय बना रहे।”



