Govardhan Puja : गोवर्धन पूजा का त्योहार दिवाली के अगले दिन मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है और गोवर्धन पर्वत की आराधना की जाती है। भगवान को 56 भोग अर्पित किए जाते हैं और गायों की भी पूजा की जाती है। उन्हें चारा खिलाने की परंपरा है।
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आमतौर पर दिवाली के अगले दिन पड़ने वाला यह त्योहार आज मनाया जाना चाहिए, लेकिन इस बार इसे लेकर लोगों के मन में संशय बना हुआ है। ऐसे में आइए पंचांग के अनुसार जानते हैं कि इस साल गोवर्धन पूजा कब मनाई जाएगी।
गोवर्धन पूजा कब है?
गोवर्धन पूजा हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाई जाती है।
इस साल यह तिथि 21 अक्टूबर (मंगलवार) की शाम 5 बजकर 57 मिनट पर शुरू होकर
22 अक्टूबर (बुधवार) की रात 8 बजकर 18 मिनट पर समाप्त होगी।
उदयातिथि की मान्यता के अनुसार, इस वर्ष गोवर्धन पूजा 22 अक्टूबर (बुधवार) को मनाई जाएगी।
गोवर्धन पूजा के शुभ मुहूर्त
- प्रातःकालीन मुहूर्त: सुबह 6:26 से 8:48 बजे तक (अवधि – 2 घंटे 22 मिनट)
- दोपहर का मुहूर्त: दोपहर 3:29 से शाम 5:44 बजे तक (अवधि – 2 घंटे 15 मिनट)
गोवर्धन पूजा का महत्व
गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja) हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को देवराज इंद्र की प्रलयकारी वर्षा से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठ उंगली पर उठाया था।
तभी से भक्त इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और गोवर्धन पर्वत की पूजा करते हैं और उनकी लीला का स्मरण करते हैं।
यह पर्व प्रकृति और मानव के गहरे संबंध का प्रतीक है। इस दिन पूजा-पाठ और दान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। (Govardhan Puja)



