लोकेश्वर सिन्हा
गरियाबंद के जंगलों से आई बड़ी खबर उदंती एरिया कमेटी ने दिवाली के शुभ मुहूर्त पर सशस्त्र संघर्ष को हमेशा के लिए विराम देने का ऐलान किया है।

सूत्रों के मुताबिक, 20 अक्टूबर को कमेटी अपने सभी साथियों के साथ हथियारों सहित आत्मसमर्पण करने की तैयारी में है, ताकि नई जिंदगी की शुरुआत की जा सके।
बताया जा रहा है कि सोनू दादा और रूपेश दादा के आत्मसमर्पण के बाद से ही आंदोलन कमजोर पड़ा था। फोर्स के दबाव और रणनीतिक चूक के चलते सशस्त्र क्रांति अब असंभव मानी जा रही है।
उदंती कमेटी ने गोबरा, सीनापाली और सीतानदी यूनिटों से भावुक अपील की है कि वे भी देर न करें और मुख्यधारा में लौट आएं।
एसपी निखिल राखेचा ने इस ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करते हुए कहा यह गरियाबंद में स्थायी शांति की शुरुआत है, बाकी नक्सलियों के लिए भी अब पुनर्वास के दरवाजे खुले हैं।



