कोरबा। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शनिवार को डिलीवरी के दौरान नवजात की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। मामला जिला अस्पताल पुलिस चौकी क्षेत्र का बताया जा रहा है।
रायपुर में हिस्ट्रीशीटर का आतंक: गोली मारने की धमकी देकर युवक से लड़की के पैर पड़वाए
जानकारी के मुताबिक, अयोध्यापुरी निवासी आशीष विश्वकर्मा ने अपनी पत्नी किरण को डिलीवरी के लिए कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप है कि प्रसव के दौरान डॉक्टरों ने बच्चेदानी न खुलने पर जबरदस्ती हाथ डालकर उसे खोला, जिससे जटिलताएं बढ़ीं और नवजात की जान चली गई।
हालांकि डॉक्टरों ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। जिला मेडिकल अस्पताल के डॉक्टर आदित्य सिसोदिया ने बताया कि महिला के पहले दो प्रसव सामान्य हुए थे, इसलिए तीसरे में भी कोई विशेष समस्या की उम्मीद नहीं थी। लेकिन प्रसव के दौरान महिला की ओर से सहयोग न मिलने से जटिलताएं बढ़ीं और ऑक्सीजन की कमी के कारण नवजात की मौत हो गई।
उन्होंने कहा कि आरोप निराधार हैं और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को आश्वस्त किया है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो कार्रवाई की जाएगी।



