जगदलपुर/बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर में गुरुवार को नक्सली प्रवक्ता रूपेश समेत 140 नक्सलियों ने सरेंडर कर हिंसा का रास्ता छोड़ दिया। सीसी मेंबर रूपेश पर 1 करोड़ रुपए का इनाम था, जबकि अन्य नक्सलियों पर 5 लाख से 25 लाख रुपए तक इनाम घोषित था। सभी नक्सली इंद्रावती नदी के उसपरी घाट पहुंचे, जहां से उन्हें बोट के जरिए बीजापुर पुलिस के पास लाया गया।
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आत्मसमर्पण करने वालों में 10 सीनियर नक्सली शामिल हैं। इनमें रनिता (SZCM, माड़ DVC सचिव), भास्कर (DVCM, पीएल 32), नीला उर्फ नंदे (DVCM, आईसी और नेलनार एरिया कमेटी की सचिव) और दीपक पालो (DVCM, आईसी और इंद्रावती एरिया कमेटी सचिव) शामिल हैं।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का बयान
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा- “नक्सलवाद अब अंतिम सांसें ले रहा है। छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ और नॉर्थ बस्तर को नक्सली हिंसा से पूरी तरह मुक्त घोषित किया गया है। बचे हुए नक्सली केवल साउथ बस्तर में हैं, जिन्हें सुरक्षा बल जल्द समाप्त कर देंगे।

शाह ने बताया कि पिछले 2 दिनों में 258 नक्सलियों ने हथियार डाले हैं। इनमें गुरुवार को छत्तीसगढ़ में 170 और एक दिन पहले महाराष्ट्र में 61 नक्सली शामिल थे। जनवरी 2024 से अब तक 2100 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें से 1785 को गिरफ्तार और 477 को न्यूट्रलाइज किया गया।
मुख्यमंत्री साय के सामने होगा 200 नक्सलियों का औपचारिक सरेंडर
गृहमंत्री विजय शर्मा ने जानकारी दी कि शुक्रवार को सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष 200 नक्सली आधिकारिक तौर पर सरेंडर करेंगे। यह कार्यक्रम बस्तर में नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
सीसी मेंबर रूपेश ने वीडियो संदेश में कहा,
“हम सिर्फ हथियार छोड़ रहे हैं। आदिवासियों के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा। ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर हमारी विचारधारा अभी भी कायम है।
कांकेर में 50 से अधिक नक्सलियों का आत्मसमर्पण
एक दिन पहले, 15 अक्टूबर को कांकेर जिले में करीब 50 नक्सलियों ने सरेंडर किया। इनमें टॉप लीडर राजू सलाम, कमांडर प्रसाद और मीना शामिल थे। इन नक्सलियों ने जंगलों से बाहर आकर कामतेड़ा BSF कैंप में हथियार सौंपे।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, अब देश में नक्सली प्रभावित जिलों की संख्या 18 से घटकर 11 रह गई है। सबसे अधिक प्रभावित जिले अब केवल छत्तीसगढ़ का बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर हैं। 31 मार्च 2026 तक भारत नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में सरकार दृढ़ कदम उठा रही है।
संक्षिप्त हाइलाइट्स
- 140 नक्सली गुरुवार को सरेंडर, 10 सीनियर कमांडर शामिल
- रूपेश पर 1 करोड़ रुपए का इनाम था
- सभी नक्सली बीजापुर पुलिस के पास पहुंचाए गए
- पिछले 2 दिनों में 258 नक्सली ने हथियार डाले
- अबूझमाड़ और नॉर्थ बस्तर नक्सली मुक्त घोषित
- 31 मार्च 2026 तक पूरे छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद समाप्त करने का लक्ष्य



