रायपुर। राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज हॉस्टल में रविवार रात गुंडों ने जमकर उत्पात मचाया। उमादास मुखर्जी हॉस्टल नंबर 3 में 30-40 हथियारबंद बदमाशों ने घुसकर छात्रों पर बेरहमी से हमला किया। डंडे, हॉकी स्टिक, रॉड और तलवारों से लैस हमलावरों ने 7-8 छात्रों को बुरी तरह घायल कर दिया। घटना के बाद हॉस्टल में दहशत का माहौल है। पुलिस ने 2 दिन बाद 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य फरार बदमाशों की तलाश जारी है।
पुलिस के मुताबिक, रविवार रात करीब 10 बजे कुछ युवक हॉस्टल परिसर में यूरीन कर रहे थे। छात्रों ने इसका विरोध किया तो युवक विवाद कर वहां से चले गए। लेकिन रात 11:40 बजे करीब 30-40 युवक हथियारों के साथ हॉस्टल में घुस आए। बिना कुछ पूछे, उन्होंने छात्रों पर हमला बोल दिया। मारपीट के दौरान एक छात्र को वीडियो बनाते देख हमलावरों ने उसका मोबाइल छीन लिया और उसे भी पीटा। घायल छात्रों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
पुलिस की देरी, छात्रों में आक्रोश
घटना के बाद छात्र सरस्वती नगर थाने पहुंचे, लेकिन पुलिस अधिकारी रात 2 बजे तक मौके पर नहीं आए। हॉस्टल में न तो सीसीटीवी कैमरे थे और न ही सुरक्षा गार्ड, जिसके चलते पुलिस को शुरुआत में आरोपियों तक पहुंचने में मुश्किल हुई। छात्रों ने पुलिस की सुस्ती पर नाराजगी जताई। आखिरकार, घटना के 2 दिन बाद पुलिस ने 6 आरोपियों को धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं फूलचौक निवासी मोनेश उर्फ मोन्टू केसरकर,धर्मांशु सोनपिपरे,गेबिन यादव,प्रतीक यादव,कोटा निवासी आकाश गुप्ता उर्फ बाबू पुरानी बस्ती निवासी थानेश्वर उर्फ सोनू साहू। आरोपियों ने 25-30 साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की है। सभी को जेल भेज दिया गया है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
कॉलेज प्रशासन की लापरवाही उजागर
घटना के बाद साइंस कॉलेज प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं। हॉस्टल में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। हमले के बाद अब प्रशासन ने तीनों हॉस्टल के गेट पर एक-एक सीसीटीवी कैमरा और सुरक्षा गार्ड तैनात किए हैं। छात्रों का कहना है कि अगर पहले से सुरक्षा व्यवस्था होती, तो शायद यह हादसा टल सकता था।
छात्रों में डर, मांग रहे सुरक्षा
मारपीट की इस घटना ने छात्रों में डर का माहौल पैदा कर दिया है। कई छात्र अब हॉस्टल में रहने से कतरा रहे हैं। छात्रों ने कॉलेज प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि हॉस्टल की सुरक्षा को और मजबूत किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि बाकी फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले की गहन जांच की जा रही है।



