Bharatmala Project Scam : भारत माला परियोजना से जुड़े मुआवजा घोटाले की जांच में ईओडब्ल्यू-एसीबी ने विशेष कोर्ट में सोमवार को चालान पेश कर दिया। यह मामला सालभर की जांच के बाद कोर्ट तक पहुंचा है और इसमें 10 आरोपी शामिल हैं।
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सूत्रों के अनुसार चालान लगभग 8 हजार पन्नों का है, जिसमें जांच एजेंसी ने जमीन कारोबारियों की मिलीभगत और अधिकारियों की लापरवाही की विस्तृत जानकारी दी है।

अदालत तक पहुंचा मामला, हाईकोर्ट से जमानत पर चार आरोपी
जांच एजेंसी ने पहले जमीन कारोबारी हरमीत खनूजा समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिन्हें हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। इसके अलावा प्रकरण में दो एसडीएम और राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। एनएचएआई के चार अधिकारियों पर भी प्रकरण दर्ज है। कुल मिलाकर 10 आरोपी इस मुआवजा घोटाले में नामजद हैं।

कैसे हुआ मुआवजा घोटाला?
सूत्रों ने बताया कि प्रोजेक्ट रिपोर्ट लीक हो गई, और फिर जमीन के अलग-अलग टुकड़े करके अधिक मुआवजा लिया गया।
इसमें जमीन कारोबारियों और अधिकारियों की सिद्ध मिलीभगत सामने आई। जांच में यह भी उजागर हुआ कि अपात्र लोगों को भी मुआवजा वितरण किया गया, जबकि वास्तविक हकदारों को नुकसान उठाना पड़ा। (Bharatmala Project Scam)
विशेष कोर्ट में पेश हुआ 8 हजार पन्नों का चालान
ईओडब्ल्यू-एसीबी ने सोमवार को विशेष कोर्ट में चालान पेश किया, जिसमें सभी आरोपी और उनके द्वारा की गई कृत्य और मिलावट का विस्तृत ब्यौरा शामिल है। जांच एजेंसी का दावा है कि यह प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा मुआवजा घोटाला साबित हो सकता है। चालान पेश होने के बाद कोर्ट अब आरोपियों की सुनवाई शुरू करेगा। (Bharatmala Project Scam)



