महासमुंद। नेशनल हाईवे-353 पर हुए दोहरे हत्याकांड ने जिले को दहला दिया। तेज रफ्तार टाटा सफारी ने स्कूटी सवार दो दोस्तों को टक्कर मारने के बाद जानबूझकर कई बार गाड़ी चढ़ाकर कुचल डाला। इस वारदात में एक की मौके पर और दूसरे की इलाज के दौरान मौत हो गई।
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मृतकों की पहचान जितेंद्र चंद्राकर (46) और अशोक साहू (50) के रूप में हुई है। जितेंद्र, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष हुलसी चंद्राकर के पति थे। दोनों बेलसोंडा गांव के निवासी थे।
जांच में सामने आया कि हत्या किसी हादसे का नतीजा नहीं, बल्कि 5 साल पुराने विवाद का बदला थी। आरोपी अमन अग्रवाल, जो महासमुंद हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी का रहने वाला है, ने कबूल किया कि उसने 2019 में जितेंद्र से मिले थप्पड़ का बदला लेने के लिए यह साजिश रची थी।
अमन ने पुलिस को बताया कि वह लंबे समय से जितेंद्र की गतिविधियों पर नजर रख रहा था। 4 अक्टूबर की रात उसने साराडीह मोड़ के पास अंधेरे का फायदा उठाकर स्कूटी को टक्कर मारी और फिर दोनों पर बार-बार गाड़ी चढ़ाई। जितेंद्र की मौके पर मौत हो गई, जबकि अशोक की अस्पताल ले जाते समय जान चली गई।
फोरेंसिक जांच में कार के पहियों के बार-बार पीछे जाने के निशान और जानबूझकर कुचलने के सबूत मिलने के बाद पुलिस ने मामला हत्या और षड्यंत्र की धाराओं में दर्ज कर लिया।
एडिशनल एसपी प्रतिभा पांडेय ने बताया कि शुरुआती तौर पर केस सड़क हादसे के रूप में दर्ज किया गया था, लेकिन जांच में हत्या की पुष्टि होने पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। अमन से पूछताछ जारी है कि क्या इस साजिश में कोई और भी शामिल था।
घटना के बाद ग्रामीणों ने एनएच-353 पर जाम लगाकर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की। प्रशासन के आश्वासन के बाद जाम हटाया गया।



