Custom Milling Scam : बहुचर्चित कस्टम मिलिंग घोटाले (Custom Milling Scam) मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने विशेष न्यायालय में चालान पेश किया है। चालान में अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा पर आरोप शामिल हैं। फिलहाल दोनों आरोपी केंद्रीय जेल रायपुर में बंद हैं।
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EOW ने आरोप लगाया है कि अनिल टुटेजा ने छत्तीसगढ़ राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ मिलकर राइस मिलरों से अवैध वसूली (Custom Milling Scam) की। इस आपराधिक षड्यंत्र से कम से कम 20 करोड़ रुपये का लाभ प्राप्त किया गया। राइस मिलरों से वसूली के लिए मार्कफेड के जिला विपणन अधिकारियों पर दबाव बनाया जाता था, जिससे मिलर 20 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अवैध धनराशि देते थे।
चालान में यह भी सामने आया है कि अनवर ढेबर राजनीतिक रूप से प्रभावशाली व्यक्ति थे और आयकर विभाग के छापे के दौरान प्राप्त डिजिटल साक्ष्यों से यह प्रमाण मिले कि उन्होंने न केवल शराब घोटाले में, बल्कि पीडब्ल्यूडी और वन विभाग जैसी महत्वपूर्ण संस्थाओं में भी दबाव डाला। ढेबर ने अनिल टुटेजा के लिए वसूली की गई राशि का संग्रह, व्यय और निवेश किया।
EOW के अनुसार, मार्कफेड के तत्कालीन एमडी मनोज सोनी ने 33 जिलों में वसूली का जिम्मा अनवर ढेबर को सौंपा था। वहीं शराब घोटाले के सिलसिले में अनवर ने सिद्धार्थ सिंघानिया को पैसे वसूलने की जिम्मेदारी दी, जो कर्मचारियों के माध्यम से राशि को टुटेजा तक पहुंचाते थे। इस राशि के माध्यम से पैसे मनोज सोनी और कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचे।
25 जुलाई 2025 को 140 करोड़ रुपये के इस घोटाले में अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा से EOW ने पूछताछ की थी। इससे पहले 2700 मिलर्स से लेवी वसूली मामले में 3500 पन्नों का चालान अदालत में पेश किया जा चुका है।



