Chhattisgarh Liquor Scam : छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले (Chhattisgarh Liquor Scam) मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को आज एसीबी-ईओडब्ल्यू की विशेष अदालत में पेश किया गया। इसी क्रम में कस्टम मिलिंग घोटाले के आरोपी दीपेन चावड़ा को भी अदालत में पेश किया गया। ईओडब्ल्यू ने चैतन्य बघेल को 13 दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू की है।
यह भी पढ़े :- छत्तीसगढ़ की नदियों पर नौसेना के नए पोतों का नाम, प्रदेश में होगी सेना भर्ती रैली
इससे पहले ईडी ने उन्हें 18 जुलाई को उनके जन्मदिन पर भिलाई निवास से धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया था। शराब घोटाले की जांच ईडी ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। प्रारंभिक जांच में पता चला कि इस घोटाले के कारण प्रदेश के खजाने को भारी नुकसान हुआ और लगभग 2,500 करोड़ रुपए की अवैध कमाई लाभार्थियों की जेब में पहुंचाई गई।
ईडी की रिपोर्ट में सामने आया कि चैतन्य बघेल को इस घोटाले से 16.70 करोड़ रुपए मिले, जिनका इस्तेमाल उन्होंने अपनी रियल एस्टेट कंपनियों और प्रोजेक्ट्स में किया। इसके तहत उन्होंने ठेकेदारों को नकद भुगतान किया और बैंक प्रविष्टियों के माध्यम से लेन-देन किया। इसके अलावा, उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ मिलकर “विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट” में फ्लैट खरीदने के नाम पर 5 करोड़ रुपए अप्रत्यक्ष रूप से प्राप्त किए।
ईडी ने इस मामले में पहले ही कई अन्य नामी अधिकारियों और नेताओं को गिरफ्तार किया है, जिनमें पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, ITS अरुणपति त्रिपाठी और पूर्व मंत्री व वर्तमान विधायक कवासी लखमा शामिल हैं। मामले की जांच अभी जारी है। (Chhattisgarh Liquor Scam)



