Mohan Bhagwat : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना के 100 वर्ष पूरे हो गए हैं। इस अवसर पर नागपुर के रेशम बाग मैदान में शताब्दी समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें 21 हजार से अधिक स्वयंसेवक शामिल हुए। इस मौके पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने संबोधित करते हुए सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर जोर दिया।
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पहलगाम हमले का जिक्र
संघ प्रमुख (Mohan Bhagwat) ने अपने भाषण में कहा कि पहलगाम में आतंकियों ने धर्म पूछकर हिंदुओं की हत्या की थी। इस घटना से पूरे देश में दुख और आक्रोश फैल गया था। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार और सेना ने इसका मुंहतोड़ जवाब दिया। भागवत ने स्पष्ट किया कि हमें सबके प्रति मित्रता का भाव रखना चाहिए, लेकिन अपनी सुरक्षा के प्रति सजग और समर्थ रहना जरूरी है।
अमेरिका की टैरिफ नीति और आत्मनिर्भरता
मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों की चर्चा करते हुए कहा कि अमेरिका की नई टैरिफ नीति की मार लगभग सभी देशों पर पड़ रही है। ऐसे में किसी भी देश के लिए अकेले जीना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि आपसी संबंध बनाना आवश्यक है, लेकिन यह निर्भरता मजबूरी में न बदल जाए। इसलिए भारत को आत्मनिर्भर बनना होगा।
दुनिया की उम्मीद भारत से
संघ प्रमुख ने कहा कि वर्तमान समय में पूरी दुनिया में बेचैनी और उथल-पुथल है। ऐसे माहौल में विश्व भारत को उम्मीद की नजर से देख रहा है। नियति भी यही चाहती है कि भारत समाधान प्रस्तुत करे और मार्गदर्शन दे।
समाज और व्यवस्था में बदलाव
उन्होंने कहा कि दुनिया की व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है, लेकिन यह बदलाव अचानक नहीं बल्कि धीरे-धीरे होना चाहिए। यदि एकदम पीछे पलटे तो व्यवस्था बिगड़ जाएगी। भागवत ने कहा कि जैसा देश हम चाहते हैं, वैसा बनने के लिए हमें खुद भी वैसा बनना होगा।



