रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा कदम उठाया है। ईडी ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर 10 वरिष्ठ IAS और IPS अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की सिफारिश की है।
इस मामले पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा भ्रष्ट अधिकारियों को हमारी सरकार नहीं छोड़ेगी, उन पर सख्त कार्रवाई होगी।
गौरतलब है कि कोल लेवी घोटाले में अब तक 570 करोड़ रुपये की अवैध वसूली सामने आ चुकी है। इस घोटाले में निलंबित IAS समीर बिश्नोई, IAS रानू साहू, पूर्व मुख्यमंत्री की उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया और कारोबारी सूर्यकांत तिवारी समेत कई बड़े नाम शामिल हैं। ईडी अब तक इस मामले में 36 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लंबी चार्जशीट पेश कर चुकी है। हालांकि फिलहाल सभी आरोपी जमानत पर बाहर हैं।
ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच कोयले के हर टन पर 25 रुपये की अवैध लेवी वसूली गई। खनिज विभाग के तत्कालीन संचालक IAS समीर बिश्नोई ने इसके लिए 15 जुलाई 2020 को आदेश जारी किया था। उसके बाद परमिट जारी करने की प्रक्रिया को ऑफलाइन कर दिया गया और केवल वही व्यापारी परिवहन पास प्राप्त कर पाते थे, जो अवैध राशि चुकाते थे।
पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड कोल व्यापारी सूर्यकांत तिवारी को माना जा रहा है। वसूली गई रकम सीधे सूर्यकांत तिवारी के नेटवर्क के पास जमा होती थी। इसी अवैध लेवी से 570 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई।
अब देखने वाली बात यह होगी कि ईडी की इस चिट्ठी पर सरकार कितनी तेजी से कार्रवाई करती है, क्योंकि राज्य में EOW (आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो) किसी भी अधिकारी के खिलाफ सीधे प्रकरण दर्ज नहीं कर सकता, उसे सरकार से अनुमति लेनी पड़ती है। अब सबकी निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।



