2.50 करोड़ से ज्यादा कीमत की जमीन को अजय तिवारी के साथ मिलीभगत और फर्जीवाड़ा कर मात्र 21 लाख में बेचा।
पंकज विश्वकर्मा (समाचार संपादक)
रायपुर. भारत माला प्रोजेक्ट घोटाले के आरोपी विजय जैन का एक और काला कारनामा सामने आया है। राजधानी रायपुर के पुरानी बस्ती इलाके के ब्रह्मपुरी स्थित 11 वीं शताब्दी के प्राचीन मंदिर विरंचीनारायण और नरसिंहनाथ मंदिर के स्वामित्व वाली धरमपुरा की 17 हजार वर्गफीट बेशकीमती जमीन को कौड़ीयों के दाम पर दिसंबर 2022 में स्वयंभू ट्रस्टी अजय तिवारी के साथ मिलकर बेच दिया। इस भूमि के विक्रय के लिए ना ही बतौर प्रबंधक, कलेक्टर रायपुर और ना ही पंजीयक, सार्वजनिक न्यास से ही अनुमति ली गई थी।

इस पूरे मामले के मास्टर माइंड विजय जैन ने स्वयंभू ट्रस्टी अजय तिवारी के साथ मिलकर पहले ट्रस्ट की एक बैठक बुलाई फिर अपने बेटों सौरभ जैन और निखिल जैन के नाम पर ट्रस्ट की बैठक में लिखित रूप से मात्र 21 लाख रुपए में भूमि क्रय करने का लिखित प्रस्ताव दिया पंरतु इस जमीन को घनश्याम दानी के नाम पर विक्रय विलेख तैयार कर पंजीयन कराया दिया। जबकि 2022 में बेचीं गई उस भूमि का बाजार मूल्य तात्कालिक रूप से ही 2.50 करोड़ से ज्यादा था।

पूरे मामले में अजय तिवारी और अपने बेटों को बचाने के लिए तीन और खरीदार के रूप में मुन्ना साहू से 8 लाख, सुखदेव पटेल से 9.50 लाख,हरीशंकर पटेल से 9 लाख में जमीन खरीदने का लिखित प्रस्ताव बैठक की मिनट्स बुक में दर्ज कराया। सबसे महत्वपूर्ण पहलू इस पूरे मामले में यह रहा कि जब विजय जैन के बेटों सौरभ जैन और निखिल जैन को भूमि विक्रय का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया तो विक्रय पंजीयन घनश्याम दानी के नाम पर कैसे कर दिया गया।

इस मामले में राजस्व अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध है। मास्टरमाइंड विजय जैन ने इनसे मिलीभगत कर पब्लिक ट्रस्ट की जमीन से पहले प्रबंधक, कलेक्टर, रायपुर के नाम को विलोपित कराया फिर मंहत देवदास के नाम पर उक्त भूमि को राजस्व अभिलेखों में निजी भूमि के नाम पर दर्ज कराया।

ट्रस्ट की जिस बैठक में विजय जैन के बेटों सौरभ जैन और निखिल जैन को खरीदार दिखाया गया उसी बैठक में मंहत देवदास को नियमानुसार विक्रय पत्र निष्पादित करने का अधिकार दिया गया। इस मामले में ट्रस्ट भूमि को बगैर कलेक्टर, रायपुर बतौर प्रबंधक और पंजीयक सार्वजनिक न्यास से अनुमति भी नहीं ली गई जो की एक अपराधिक कृत्य भी है।

इस मामले में मंहत देवदास से जब रायपुर न्यूज नेटवर्क और RNN 24 न्यूज चैनल की टीम ने संपर्क किया तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि सब कुछ विजय जैन के कहने से किया गया है। विजय जैन से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि प्रस्ताव ट्रस्ट ने पास किया है और पैसा ट्रस्ट के पास गया है ये सब अजय तिवारी के कहने पर हुआ है इसमें मैं क्या करूं। इस मामले में और भी और भी कई परतें है जिसे भी जल्द सामने लाया जायेगा।

भारत माला प्रोजेक्ट घोटाले के आरोपी विजय जैन के और काले कारनामे :-

1.इंदिरा प्रियदर्शिनी महिला नागरिक सहकारी बैंक घोटाले में भी था एक संदिग्ध।
2.राजधानी के एक पूराने हिस्ट्रीशीटर से थे व्यवसायिक संबंध।
3.मठ-मंदिरों की दर्जनों एकड़ जमीन की खरीदी-बिक्री भी फर्जीवाड़ों से की।
4. एक बुजुर्ग महिला के मकान को भी कब्जे में करने की सालों से कर रहा कोशिश।



