पंकज विश्वकर्मा (समाचार संपादक )
रायपुर ; आज से 44 साल पहले 16 फरवरी 1981 को ठाकुर श्री रामचंद्र स्वामी जैतूसाव मठ सार्वजनिक न्यास की एक आकस्मिक बैठक आयोजित की जाती है। बैठक में न्यास समिति के प्रबंधक और अध्यक्ष के तौर पर तात्कालिक कलेक्टर अजीत जोगी भी उपस्थित रहते हैं।

ये आकस्मिक बैठक मंहत लक्ष्मीनारायण दास के मुंडित शिष्य राम भूषण दास का सनातनी परंपरा और पद्धति से मंहत लक्ष्मीनारायण दास के बाद श्री रामचंद्र स्वामी जैतूसाव मठ के उत्तराधिकारी, सर्वाहारा और मंहत के रूप में पदभार ग्रहण समारोह और चादर ओढानें के वैदिक अनुष्ठान के समारोह के लिए बुलाई गई थी। 16 फरवरी 1981 को ये बैठक जैतूसाव मठ प्रांगण में मंहत लक्ष्मीनारायण दास,तात्कालिक कलेक्टर अजीत जोगी सहित 6 अन्य पदाधिकारीयों की उपस्थिति में संपन्न होती है और सर्वसम्मति से बैठक के एक मात्र ऐजेंडे को स्वीकृत किया जाता है।

अब विडंबना देखिए कि बैठक की मिनट्स बुक में छत्तीसगढ़ के सपूत तात्कालिक कलेक्टर और छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत प्रमोद कुमार जोगी के हस्ताक्षर को इस न्यास के स्वयंभू ट्रस्टी अजय तिवारी द्वारा पत्रकारों से एक बातचीत में नकार कर गलत साबित किया जाता है।

मिनट्स बुक को ही स्वयंभू ट्रस्टी अजय तिवारी ने नकार दिया और पत्रकारों को चर्चा के दौरान भ्रामक जानकारी दी। इसके साथ ही तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर स्वयं और अपने आकाओं की स्वार्थ सिद्धि के लिए उस बैठक और सनातनी परंपरा को गलत ठहराया दिया।

उन्होंने ये भी साबित करने की कोशिश की जो जमीनों को बेचा गया उसमें उनका कोई हाथ नहीं था। जबकि बेचीं गई जमीनों में बतौर गवाह उनके हस्ताक्षर भी है। कांग्रेस के नेता राजेंद्र तिवारी सहित कई व्यक्तियों को मठ की दर्जनों एकड़ भूमि औने-पौने दाम पर बेच दी गई।

मठ की सबसे ज्यादा भूमि धरमपुरा और सेजबहार सहित रायपुर स्थित बेशकीमती जमीन थी। आज यदि स्वयंभू ट्रस्टी अजय तिवारी कहते हैं कि जमीनों की बिक्री गलत है तो आज तक इस पर उन्होंने ने या ट्रस्ट ने कोई प्रभावी और सख्त कानूनी कदम क्यों नहीं उठाया। यक्ष प्रश्न यही तो है कि पूर्व स्वर्गवासी महंतों के नाम पर इन अवैध ट्रस्टीयों ने ही भर्राशाही और धांधली कर सैकड़ों एकड़ जमीन बेच दी और भगवान के साथ साथ दानदाताओं के साथ भी छल किया।


जैतूसाव मठ में भंग ट्रस्ट के स्वयंभू ट्रस्टीयों ने बतौर तात्कालिक कलेक्टर अजीत जोगी को ठहराया दोषी – 1987 से ट्रस्ट पर क़ब्ज़े की कर रहे कोशिश…2



