पंकज विश्वकर्मा(समाचार संपादक )
आपरेशन सिंदूर – प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पूरे विश्व पटल एवं वर्तमान परिदृश्य में सीधा और तीखा संदेश। पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों की कायरता हरकत का सबसे माकूल जवाब भारत ने आज “आपरेशन सिंदूर” के माध्यम से दे दिया है। यह गर्व का क्षण तो है पंरतु हर देशवासी के लिए एकजुटता का अति महत्वपूर्ण समय भी है। ये वो समय है जब हर भारतवासी को कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहना है फिर वो किसी भी जाति या धर्म और मजहब का ही क्यों ना हो। क्योंकि देश के लिए हमारी-आपकी वैचारिक प्रतिबद्धता ही हमें संगठित, मजबूत, एकजुट और सुरक्षित रखेंगी। हमें ढृढ निश्चित होना है कि ये देश की अखंडता और सुरक्षा का मामला है ना कि किसी धर्म या मजहब का मामला है।
देश और नागरिकों को किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार से अपने आप को सतर्क रखने की सार्वाधिक एवं प्राथमिक आवश्यकता इसलिए है कि पाकिस्तान मुस्लिम धर्मावलंबियों को भावनात्मक रूप से सबसे पहले टारगेट करेगा। वो सोशल मीडिया सहित सभी संचार माध्यम से भारतीय मुस्लिम धर्मावलंबियों की सहानुभूति बटोरना और अपने नापाक हरकतों को जायज ठहराना चाहता है। पाकिस्तान वर्षों से भारत से सीधी लड़ाई में कभी नहीं जीत पाया है इसलिए वह छद्म युद्ध लड़ता है। पहले कश्मीर में फिर पंजाब में उसके बाद देश के कई इलाकों में। पकिस्तान जो आतंकवादियों के हाथों गोलियों के साथ बम-बारुद भेजता है वो जाति, धर्म और मजहब पूछ कर जान नहीं लेती है। वो सिर्फ भारतीयों की जान लेती हैं फिर चाहे वो हिन्दू हो, मुसलमान हो, सिख्स हो या क्रिश्चयन हो। मुंबई, दिल्ली हैदराबाद भारत का कोई भी शहर जहां आंतकी हमले हुए हैं वहां हिन्दू भी मरा है तो मुसलमान भी मरा है। मुंबई का ही उदाहरण लें जो देश की आर्थिक राजधानी है में 1993 के बम ब्लास्ट, लोकल ट्रेन हो या 26/11 का आतंकी हमला उसमें चली गोलियां और हुए ब्लास्ट ने मजहब पूछ कर जाने नहीं ली है।
जिस प्रकार पहलगाम में जाति और धर्म पूछ कर सिर्फ पुरुषों का नरसंहार किया गया वो पाकिस्तान के नापाक इरादों को बखूबी बयान करते हैं। पंरतु फिर भी भारत एकजुट रहा। राजनैतिक शुचिता, इच्छाशक्ति और देश के हर नागरिक के एकजुटता के भरोसे। पाकिस्तान का पहलगाम नरसंहार में सबसे बड़ा उद्देश्य हिन्दू-मुसलमान दंगे करना था। पर वो भूल गया था कि भारत की राजनैतिक शुचिता और नागरिकों का आत्मसंयम बहुत मजबूत है। हम कल भी एक और मजबूत थे, हम आज भी एक और मजबूत है और कल भी एक और मजबूत रहेंगे। आपरेशन सिंदूर की सफलता पर देशवासियों को शुभकामनाएं।



