पंकज विश्वकर्मा, समाचार संपादक
रायपुर। जनता के पैसों का दूरूपयोग सहित सत्ता और मंत्री पद की ताकत का इस्तेमाल अपने हितों को साधने लिए कैसे करना चाहिए ये पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे शिव डहरिया आप को बहुत ही अच्छे से सीखा सकते हैं। फिलहाल उन्होंने इस विषय में शिक्षण संस्थान तो नहीं खोला है परंतु उदारहरण जरुर प्रस्तुत कर दिया है। RNN24 ने इस मामले को पहले भी नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया था परंतु सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का।

पूरा मामला यह है कि राजधानी रायपुर के रिंग रोड 1 तेलीबांधा में एक केंद्रीय कर्मचारियों की गृहनिर्माण सोसायटी है जिसे शताब्दी नगर से जाना जाता है। इसी कॉलोनी में दस साल पहले तक पूर्व मंत्री शिव डहरिया किराये के मकान में रहते थे वहां उन्होंने अब अपना शानदार मकान बना लिया है। वहीं इस कॉलोनी में बने सामुदायिक भवन पर अपनी पत्नी शकुन डहरिया की एक संस्था राजश्री सद्भावना समिति के नाम पर कब्जा कर लिया है। इस परिसर का उपयोग वे अपने और अपने पत्नी के निजी कार्यालय के रूप में कर रहे हैं। इस भवन के निर्माण सहित इसकी विलासितापूर्ण सजावट के लिए धन और सभी संसाधनों को रायपुर नगर निगम और स्मार्ट सिटी लिमिटेड के माध्यम से लाया गया था। जिसकी लागत करोड़ों में है।

इससे बड़ी बात यह है इस कॉलोनी के निर्माण के वक्त 15% के हिसाब से 12000 स्क्वायर फीट की जमीन ईडब्ल्यूएस के लिए आवंटित की गई थी , जिस पर नगर निगम द्वारा ईडब्ल्यूएस भवनों का निर्माण कर राजधानी के गरीब एवं वंचित वर्ग के 100 से ज्यादा पारिवारिक को मकान दिए थे। कांग्रेस की सत्ता में आते ही इस 12000 स्क्वायर फीट की जमीन पर बने ईडब्ल्यूएस मकानों को तोड़कर वहां पर 4000 स्क्वायर फीट में एक शानदार इमारत नगर निगम के द्वारा सामुदायिक भवन के नाम पर बनाई गई और 8000 स्क्वायर फीट में शानदार गार्डन तैयार किया गया। जिस पर वर्तमान में पूर्व मंत्री शिव डहरिया निवास कर रहे हैं। इस भवन की लागत ही एक करोड रुपए से ऊपर बताई जा रही है।

RNN 24 के पास उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार जोन क्रमांक 10 के माध्यम से नॉन एस. ओ. आर. दर पर कोटेशन बुलाकर अलग-अलग दिनांकों को अलग-अलग राशि के वर्क आर्डर जारी कर इन भवनों की विलासिता के लिए सामग्री क्रय की गई। जिसमें वाटर कूलर मॉनिटर आदि के लिए 20 लाख रुपए,फर्नीचर वर्क सहित मॉड्यूलर किचन के नाम पर 35 लाख रुपए, स्टील अलमारी सहित चेयर सोफा सेट के नाम पर 10 लाख रुपए और 75 इंच टीवी 20 नग,रेफ्रिजरेटर, ड्रेसिंग टेबल, वार्डरोब आदि के नाम पर 74 लाख रुपए से ज्यादा का भुगतान भी किया गया है।

दरअसल अब यह पूरा मामला इस लिए जनता के सामने आ रहा है क्योंकि रायपुर नगर निगम में वार्षिक बजट प्रस्तुत किया जा रहा है और सामान्य सभा का आयोजन किया गया है। रायपुर नगर निगम में अभी कांग्रेस का कब्ज़ा है। बजट और सामान्य सभा के दौरान भाजपा की नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे ने जोन 10 के अंतर्गत आने वाले शताब्दी नगर स्थित इस सामुदायिक भवन का मामला उठाया, जिसमें उनके द्वारा इस भवन में दी गई इन तमाम 5 सुविधाओं के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब भारसाधक सदस्य ज्ञानेश शर्मा नहीं दे पाए। वहीं, नेता प्रतिपक्ष ने इस मामले में महापौर सहित पूरे निगम को कटघरे में खड़ा कर दिया है उनका कहना है कि इसका संचालन राजश्री सद्भावना समिति द्वारा किया जाता है, जिसकी अध्यक्ष पूर्व मंत्री शिव डहरिया की पत्नी शकुन डहरिया हैं। इन सभी सवालों का जवाब नहीं मिल पाने की वजह से मेयर एजाज ढेबर ने इस मामले में कमेटी का गठन कर 15 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है।

नेता प्रतिपक्ष ने सामान्य सभा में वह पत्र भी प्रस्तुत कर दिया, जिसमें राजश्री सदभावना समिति की अध्यक्ष शकुन डहरिया ने जोन-10 को सामुदायिक भवन के हस्तांतरण और संचालन के लिए पत्र लिखा था। जिसके बाद भवन को हस्तांतरित करने के लिए 16 जून 2022 को आयोजित की गई एम.आइ.सी की बैठक में इस संदर्भ में संकल्प क्रमांक 33 के अंतर्गत भवन को राजश्री सद्भावना समिति को हस्तांतरित किए जाने पर मुहर लगा दी गई। इसके बाद जोन-10 ने इस भवन में फर्नीचर, आलमारी, लकड़ी की कुर्सियां, वाशिंग मशीन, वाटर हीटर, सोफा, सेंट्रल टेबल, कंप्यूटर, कंप्यूटर प्रिंटर, किचन चिमनी, वाटर कूलर इत्यादि सामान प्रदान करने के लिए वर्क आर्डर जारी किया और नान एस.ओ.आर. की दर से भुगतान भी किया।
जहां पूर्व मंत्री शिव डहरिया और उनकी पत्नी शकुन डहरिया पर रायपुर के शताब्दी नगर स्थित सामुदायिक भवन पर कब्ज़ा करने का आरोप है। वहीं पूर्व मंत्री की पत्नी ने भवन के रंगरोगन पर ही 1 करोड़ रुपए खर्च कर दिए। इन दोनों जगहों पर आम लोगों सहित कालोनी वासियों की भी एंट्री बंद कर दी गई है। ये सामुदायिक भवन किसी सचिव के कार्यालय से कम नहीं है साथ ही यहां पर निजी गार्ड तैनात हैं। आलम ये है कि सामान्य सभा में इस मुद्दे पर खूब हंगामा होने के बाद सभापति प्रमोद ने पूर्व मंत्री का नाम चर्चा से विलोपित कर दिया।
पूर्व मंत्री शिव डहरिया की पत्नी पर सामुदायिक भवन पर कब्जे के आरोप पर विधायक और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने तंज कसते हुए कहा कि कमजोर वर्ग की जमीन का दुरुपयोग करना बड़ी निंदनीय बात है। इतने बड़े पद और जिम्मेदारियों के बावजूद ऐसे कार्य हुए है, जो कि निश्चित रूप से निंदनीय है। इस पर विधिवत रूप से जो भी फैसला होगा उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं पूर्व मंत्री शिव डहरिया पर बंगले से सामान गायब करने के आरोपों पर चुटकी लेते हुए किरण सिंह देव ने कहा कि उन्हें अब इसकी आदत पड़ गई है।



