रायपुर। राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज सभागार में मंगलवार को छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित के नए अध्यक्ष रूप साय सलाम और उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा ने औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और दोनों पदाधिकारियों को नए दायित्वों के लिए शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि लघु वनोपज संघ का नेतृत्व अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र से जुड़ा है, क्योंकि यह सीधे राज्य के वनवासियों के जीवन, आय और सामाजिक विकास से संबंधित है। उन्होंने विश्वास जताया कि रूप साय सलाम, जो स्वयं जनजातीय समुदाय से हैं अपनी समझ, अनुभव और प्रतिबद्धता के साथ इस जिम्मेदारी को प्रभावी ढंग से निभाएंगे।
सीएम साय ने कहा कि राज्य सरकार वनवासी समुदाय की आय बढ़ाने और उनके सर्वांगीण उत्थान के लिए कई कदम उठा रही है। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जनजातीय समाज के हित में छत्तीसगढ़ राज्य का गठन किया था और केंद्र में अलग से जनजातीय मंत्रालय बनाकर समुदाय के विकास को नई दिशा दी थी। इस क्रम को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना’ और ‘पीएम जनमन योजना’ जैसी महत्वपूर्ण योजनाएँ लागू की गईं, जिनका लाभ प्रदेश के आदिवासी अंचलों को मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि तेंदूपत्ता संग्राहकों को देश में सबसे अधिक मूल्य देने वाला राज्य भी छत्तीसगढ़ है। राज्य सरकार वनोपजों के वैल्यू एडिशन के माध्यम से वनवासियों की आय को कई गुना बढ़ाने पर जोर दे रही है, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके।
इस अवसर पर वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि यह प्रदेश का सौभाग्य है कि मुख्यमंत्री स्वयं जनजातीय पृष्ठभूमि से आते हैं और वनवासी परिवारों की पीड़ा, संघर्ष और आकांक्षाओं को गहराई से समझते हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में 32 प्रतिशत आबादी जनजातीय है और लगभग 44 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है, ऐसे में लघु वनोपज ही वनवासियों की आजीविका का मुख्य आधार है। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता का मूल्य 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा करना ऐतिहासिक कदम है, जिससे लाखों संग्राहक परिवारों को सीधा लाभ मिला है।
वनमंत्री ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री साय ने चरण पादुका योजना को पुनः शुरू कर वनोपज संग्राहकों की सहायता के लिए कई नई पहलें लागू की हैं। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, नान चेयरमैन संजय श्रीवास्तव, योग आयोग अध्यक्ष रूप नारायण सिन्हा, आदिवासी स्वास्थ्य परंपरा बोर्ड अध्यक्ष विकास मरकाम, वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज, वनबल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव सहित बड़ी संख्या में संग्राहक और संघ के सदस्य मौजूद थे।



