छत्तीसगढ़ : एस.आई.आर. 2026 से पहले 2,12,30,737 मतदाता, प्रक्रिया के बाद संख्या घटकर 1,84,95,920 हुई, 2,34,994 नये मतदाताओं की वृद्धि, अब कुल 1,87,30,914 पंजीकृत मतदाता
पंकज विश्वकर्मा,
समाचार संपादक
रायपुर/छत्तीसगढ़. छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव 2023 के आंकड़ों पर यदि नज़र डालें तो भारतीय जनता पार्टी को कुल 72,34,968 मतदान प्राप्त हुआ था। जबकि तात्कालिक सत्तारुढ़ कांग्रेस सरकार को कुल 66,02,586 मतदान मिला था।
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भाजपा को कुल मतदान प्रतिशत का 46.27% और कांग्रेस को कुल मतदान प्रतिशत का 42.23% मिला था। मतदान प्रतिशत में मात्र 4.04% और मतदाताओं की संख्या में 6,32,382 के अंतर ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया था।
विधानसभा चुनाव – 2023
भाजपा – 46.3%
कांग्रेस – 42.2%
बसपा – 2.05%
नोटा – 1.26%
अन्य – 8.19%
एस.आई.आर.2026 – 24.99 लाख कटे और 2.34 लाख नये जुड़े.
भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण/ SIR (एस.आई.आर.) 2026 की फाइनल वोटर लिस्ट/मतदाता सूची फरवरी के अंतिम सप्ताह में जारी कर दी गई थी। चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए आधिकारिक बयान के अनुसार ड्राफ्ट सूची से पहले 2,12,30,737 मतदाता थे। एस.आई.आर प्रक्रिया के बाद आई फाइनल ड्राफ्ट सूची में यह संख्या घटकर 1,84,95,920 हुई थी। कुल 24,99,823 नाम फाइनल मतदाता सूची से बाहर किए गए थे जबकि 2,34,994 नयें मतदाता के रूप में जुड़े थे। वोटर लिस्ट के फाइनल प्रकाशन के बाद राज्य में कुल 1,87,30,914 मतदाता वर्ष 2026 के अनुसार दर्ज हैं।

कुल मिलाकर 24,99,823 नाम फाइनल मतदाता सूची से बाहर करने और 2,34,994 नये मतदाताओं के नाम जोड़ने के बाद राज्य में अब कुल 1,87,30,914 पंजीकृत मतदाता हैं। एसआईआर के दौरान सबसे ज्यादा 30 हजार वोटर्स दुर्ग जिले में बढ़े हैं। जबकि सबसे कम रायपुर में वोटरों की संख्या बढ़ी है, यहां सिर्फ 521 नए मतदाताओं के नाम जुड़े हैं।
छत्तीसगढ़ में ही विधानसभा चुनाव 2018 के आंकड़ों का यदि विश्लेषण करें तो भाजपा ने कुल वोटिंग प्रतिशत का 32.97% प्राप्त कर मात्र 15 सीटों पर जीत दर्ज की थी। जबकि कांग्रेस ने कुल मतदान प्रतिशत में 43.04% मत प्राप्त कर 68 सीटें जीत कर तात्कालिक प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल की अगुवाई में सरकार बनाई थी। दोनों राष्ट्रीय पार्टी के मतदान प्रतिशत में 10.07% का अंतर 2018 के विधानसभा चुनाव में तात्कालिक रमन सिंह सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश को प्रदर्शित करता है।
यदि प्रतिशत में देखा जाय तो विधानसभा चुनाव 2018 की अपेक्षा 2023 के चुनाव में भाजपा को 13.30% मतदान अधिक मिला था और 39 सीटों का लाभ हुआ था। पंरतु कांग्रेस को 2018 की अपेक्षा 2023 के चुनाव में मात्र 0.81% मतदान की हानि हुई थी और 33 सीटों का नुक़सान हो गया था। भाजपा ने 54 सीटें जीत कर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सरकार बनाई थी जबकि राज्य में मात्र 35 सीटों पर कांग्रेस सिमट गई और हाथों से सत्ता चले गई थी। कांग्रेस के दृष्टिकोण से ये परिवर्तन मतदान के मात्र 0.81% हानि से हुई थी। इससे भाजपा को 39 सीटों का लाभ हुआ और कांग्रेस को 33 सीटों की हानि हुई थी।
अब देखने वाली बात यह होगी कि छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव, जो कि राजनीति पंडितों के अनुसार 2029 में लोकसभा चुनाव के साथ ही करायें जाएंगे इन 25 लाख वोटरों के नाम कटने के बाद किस क़दर चुनावी संग्राम में तब्दील होते हैं ? क्या इन नामों के कटने से कहीं ना कहीं भाजपा को राज्य में लाभ मिलता दिखेगा या सरकार की कार्यशैली और बड़े नेताओं की आम कार्यकर्ताओं से दूरी पार्टी को सत्ता से बेदखल कर देंगी ?




