कांकेर। कांकेर जिले के अंतिम छोर के कोयलीबेड़ा विकासखंड अंतर्गत आने वाले सुदूर अंचल के कोटरी नदी पार स्थित सीताराम (सितरम) सहित नारायणपुर जिले के गारपा, पांगुर होंगे की प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला में नारायणपुर कलेक्टर नम्रता जैन के द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान कलेक्टर नम्रता द्वारा विद्यालय पहुंचकर बच्चों के शैक्षणिक स्तर का आकलन किया गया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कक्षा-वार विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी पठन-पाठन क्षमता, लेखन कौशल, गणितीय समझ एवं सामान्य ज्ञान का परीक्षण किया। बच्चों से पाठ्य पुस्तकों को पढ़वाया गया साथ ही इस दौरान कलेक्टर द्वारा बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें नियमित अध्ययन, अनुशासन और स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने की भी सीख दी गई। वहीं शिक्षकों को नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाने, कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाएं संचालित करने तथा अभिभावकों से नियमित संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने शिक्षकों से सीधे संवाद में कहा कि सुदूर अंचलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि नदी पार एवं दुर्गम क्षेत्रों में संचालित स्कूलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके प्रशासन की इस पहल से सुदूर अंचल के विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को लेकर सकारात्मक संदेश गया है।
जिला प्रशासन और कलेक्टर नारायणपुर नम्रता जैन की यह सराहनीय पहल मानी गई कि उन्होंने नारायणपुर और कांकेर सीमा में पहुंच कर शिक्षा की गुणवत्ता की जांच की क्योंकि कोयलीबेडा ये इलाका नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में माना जाता है साथ ही जिला मुख्यालय कांकेर से 250 किलोमीटर से भी ज्यादा दूर है



