रायपुर/ छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली और पोषण सुरक्षा के लिए जरूरी फोर्टीफाइड राइस एफआरके के टेंडर की शर्तों में षडयंत्र के तहत बदलाव कर 200 करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि 2025-26 के लिए जारी टेंडर में एक हफ्ते के भीतर दुर्भावना पूर्वक बदलाव किया गया जिससे पूरी क्रय प्रक्रिया को नियंत्रित किया जा सके, सरकार के इस भेदभाव पूर्ण निर्णय से 80 प्रतिशत स्थानीय सप्लायर टेंडर की प्रक्रिया से बाहर हो गए हैं, अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने दुगुने दाम पर खरीदी की तैयारी है, सरकारी खजाने में 200 करोड़ की चोट यह सरकार लगा रही है, सरकार का फोकस कमीशनखोरी की काली कमाई में हिस्सेदारी में है।
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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि 19 दिसंबर 2025 को जारी टेंडर की शर्तों में बदलाव करते हुए भ्रष्टाचार को अंजाम देने के लिए 26 दिसंबर को नया टेंडर जारी किया गया जिसमें कई तकनीकी और वित्तीय शर्ते जोड़ी गई, जिसकी वजह से छत्तीसगढ़ के छोटे और मध्यम एफआरके निर्माता अयोग्य हो गए, अपने इस सरकार में खरीदी से पहले ही सब कुछ तय कर लिया जा रहा है और अपने चाहते फर्मों की लाभ पहुंचाने उनके अनुकूल शर्तें लादी जा रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार की दुर्भावना पूर्वक नीतियों के चलते हैं छत्तीसगढ़ के स्थानीय उद्योग और प्रोसेसिंग इकाइयां संकट में है। इस सरकार की गलत नीतियों के चलते विगत दो सालों में छत्तीसगढ़ की सैकड़ों राइस मिल बंद हो गई, स्थानीय राइस मिल इकाइयां और फोर्टीफिकेशन पर संकट उत्पन्न हो गया है, रायगढ़, बिलासपुर, जांजगीर, रायपुर और महासमुंद जिले के ज्यादातर मिले बंद होने के कगार पर है, इससे गरीब और बच्चों को मिलने वाला पोषणयुक्त चावल योजना सरकार के भ्रष्टाचार की भेट चढ़ रहा है।



