बस्तर। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बकावंड ने मोदी सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में बदलाव के खिलाफ कड़ा विरोध जताया है। बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने कहा कि मनरेगा को कांग्रेस सरकार ने ग्रामीण गरीबों को रोजगार का कानूनी अधिकार देने और पलायन रोकने के लिए लागू किया था, जिससे करोड़ों परिवारों को सम्मानजनक आजीविका मिली।
विधायक बघेल ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने बीते वर्षों में मनरेगा को कमजोर किया और अब इसके पूरे ढांचे में बदलाव कर गरीबों के हितों पर हमला किया है। उन्होंने कहा कि योजना के खात्मे का उद्देश्य गरीबों के रोजगार के अधिकार को खत्म करना, राज्यों से आर्थिक और राजनीतिक शक्ति छीनना और पैसे को अमीरों तक पहुंचाना है।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री की यह मनमानी पूरे भारत पर असर डालेगी, रोजगार खत्म होंगे, ग्रामीण अर्थव्यवस्था कमजोर होगी और जब गांव कमजोर होंगे, तो देश कमजोर होगा। बघेल ने कहा कि मनरेगा क्रांतिकारी कदम था, जिसने ग्राम पंचायतों को ताकत दी और करोड़ों गरीब परिवारों को रोजगार का अधिकार सुनिश्चित किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर और इसके स्वरूप में बदलाव करके इस योजना को कमजोर कर दिया है, जिससे देश के गरीब, किसान और श्रमिक प्रभावित होंगे।



