बलरामपुर/लातेहार। छत्तीसगढ़–झारखंड सीमा पर ओरसा घाट में रविवार दोपहर हुए भीषण सड़क हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। इलाज के दौरान बलरामपुर निवासी परसू राम सोनवानी ने दम तोड़ दिया। इस हादसे में 78 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 19 की हालत गंभीर बताई जा रही है।
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मृतकों में 5 महिलाएं और 5 पुरुष शामिल हैं। गंभीर रूप से घायलों का इलाज गुमला, लातेहार, रांची और अंबिकापुर के अस्पतालों में चल रहा है।
कैसे हुआ हादसा?
यह दुर्घटना झारखंड के लातेहार जिले के महुआडांड थाना क्षेत्र में छत्तीसगढ़ सीमा से करीब 7 किलोमीटर दूर स्थित ओरसा बंगलादारा घाट में हुई। ढलान पर उतरते समय बस का ब्रेक अचानक फेल हो गया। तेज रफ्तार बस पीडब्ल्यूडी के रोड सेफ्टी गार्ड को तोड़ते हुए पेड़ से टकराई और करीब 20 फीट नीचे गिरकर पलट गई।
ड्राइवर का बयान
बस चालक विकास पाठक ने बताया कि ढलान शुरू होने से पहले ही ब्रेक काम नहीं कर रहे थे।
उन्होंने स्थिति संभालने के लिए हैंड ब्रेक लगाया और इंजन बंद किया, लेकिन ढलान के कारण बस पर नियंत्रण नहीं पाया जा सका।
बस में सवार थे 86 लोग
हादसे के वक्त बस में कुल 86 यात्री सवार थे। सभी यात्री छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के
- पीपरसोत
- महाराजगंज
- झपरा
- बुद्धीडीह
गांवों से सगाई समारोह में शामिल होने के लिए ज्ञान गंगा पब्लिक स्कूल की बस से झारखंड के लोधफाल जा रहे थे।
मौके पर मची अफरा-तफरी
हादसे के बाद सड़क किनारे घायल लोग तड़पते नजर आए। कई यात्री बस के लोहे के ढांचे और सीटों के बीच फंस गए, जबकि कुछ उछलकर सड़क किनारे जा गिरे।
स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल मदद करते हुए घायलों को बाहर निकाला और पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी।
इलाज के दौरान और मौतें
गुमला अस्पताल में 2 पुरुष
लातेहार सदर अस्पताल में 1 महिला
ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
20 से अधिक घायलों को देर रात तक रेफर किया गया।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक
इस दर्दनाक हादसे पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कृषि मंत्री व क्षेत्रीय विधायक रामविचार नेताम ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए और मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
आज बलरामपुर लाए जाएंगे शव
हादसे में जान गंवाने वाले ग्रामीणों के शव सोमवार को बलरामपुर लाए जाएंगे। रविवार को ही जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंहदेव, कुसमी एसडीएम, तहसीलदार और सामरी थाना प्रभारी महुआडांड पहुंच गए थे। शवों को लाने की व्यवस्था की जा रही है।



