श्रीनगर/नई दिल्ली। दिल्ली के प्राशांत विहार में सितंबर में हुए कार ब्लास्ट मामले में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। जम्मू-कश्मीर पुलिस की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) और स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने पुलवामा से जैश-ए-मोहम्मद के सक्रिय आतंकी तुफैल अहमद को गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा श्रीनगर के बटमालू इलाके से तुफैल भट नामक एक अन्य संदिग्ध को भी हिरासत में लिया गया है। दोनों गिरफ्तारियां जैश के अंतर-राज्यीय टेरर मॉड्यूल से जुड़ी हैं, जो सफेदपोशों की आड़ में देश के अलग-अलग हिस्सों में आतंकी गतिविधियां चला रहा था।
यह वही मॉड्यूल है जिसके तार दिल्ली कार ब्लास्ट से जुड़े हैं और पिछले कुछ हफ्तों में इसमें तीन डॉक्टरों समेत कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच के दौरान उत्तर प्रदेश, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में करीब 2900 किलो विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई थी। अधिकारियों का कहना है कि तुफैल अहमद इस नेटवर्क का अहम हिस्सा था और दिल्ली ब्लास्ट में इस्तेमाल आईईडी की सप्लाई में उसकी भूमिका की जांच की जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक यह मॉड्यूल समाज में डॉक्टर, इंजीनियर और आम नागरिकों की तरह रहने वाले “सफेदपोश” लोगों के जरिए आतंक को फंडिंग, हथियार सप्लाई और लॉजिस्टिक सपोर्ट मुहैया करा रहा था। तुफैल अहमद लंबे समय से जैश के लिए काम कर रहा था और उसके पाकिस्तान स्थित हैंडलरों से सीधा संपर्क था। फिलहाल SIA की टीम उससे कड़ी पूछताछ कर रही है, जिसमें कई और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और जम्मू-कश्मीर पुलिस के बीच समन्वय से चल रहे इस ऑपरेशन ने जैश के इस खतरनाक नेटवर्क की कमर तोड़ दी है। अधिकारियों ने दावा किया है कि आने वाले दिनों में इस मॉड्यूल के बाकी सदस्यों को भी जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए यह एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।



